महाशिला अभिलेख

महाशिला-अभिलेख मानवीय संदेशों का प्रसारक एक स्तम्भाकार चतुर्मुखी महा शिलालेख है | साहित्य संस्थान के प्रेरणा स्रोत परम पूज्य आचार्य श्री तुलसी की पावन स्मृति स्वरूप प्रज्ञा-शिखर के ठीक मध्य में एक ऊँचे आधार स्थल पर इसे स्थापित किया है, जिस पर स्वर्णाक्षरों से आचार्य श्री तुलसी के विचार और जीवन आलेख को उत्कृत किया गया है । एक विशाल पाषाण खण्ड से बना यह स्तम्भ ५००० वर्ष तक बने रहने की क्षमता रखता है । आचार्य महाप्रज्ञ का मंगल मार्गदर्शन इसके मूल में है |इस पर अंकित आलेख को पढ़कर लोग मानवता का पाठ सीख सकेंगे |अनेक विशद्ताओं से पूरित यह महाशिला-अभिलेख विश्व धरोहर की अर्हता रखता है |

 

आकार और शिल्प

यह अनुपम स्थापत्य आचार्य तुलसी की स्मृति में, आचार्य महाप्रज्ञ के मंगल मार्गदर्शन द्वारा मानवता की सेवा में विश्वास रखने वाले साहित्य-संस्थान के कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम से रुपायित हुआ है |

इस शिला स्तंभ के निर्माण में काले ग्रेनाइट पत्थर का उपयोग किया गया है | इसमें ६०००० किलो ग्राम वजन है | यह ३० फीट ऊंचा ,६ फीट मोटा और ६ फीट चौड़ा है | इस पर १४५ वर्ग फीट जगह आलेख के लिए है | इसकी स्थापना के लिए समुद्री सतह से ६९८ मीटर की ऊंचाई पर लगभग २६००० वर्ग फीट का एक विशाल आधार-स्थल बनाया गया है| इस आधार स्थल के लिए ३००००० घन फीट निर्माण और ३५०००० घन फीट भराई का कार्य किया गया है |

महाशिला-अभिलेख निर्माण में प्रयुक्त विशाल पाषाण खंड तीन वर्ष तक प्रयास कर दक्षिण भारत के तमिलनाडु प्रान्तांतर्गत नामक्कल शहर के निकट स्तिथ देवरायपुरम ग्राम की पुलिमलाई पहाड़ी के खनन से प्राप्त किया गया और एक माह तक परिवहन करके २६०० किलोमीटर दूर राजस्थान लाया गया |

महाशिला-अभिलेख को यह सुन्दर आकार देने का कार्य भी तमिलनाडु के विख्यात मूर्ति शिल्प केंद्र महाबलीपुरम निवासी मूर्तिकारों ने तीन वर्ष में पूरा किया गया | इसकी नींव में ४० किलो वजन का एक ताम्रपात्र नवरत्नों-सह स्थापित किया गया है | जिस पर जैन इतिहास एवं मंत्र अंकित हैं |

 

लोकप्रियता एवं रख-रखाव

महाशिला अभिलेख देशी ही नहीं विदेशी पर्यटकों को भी बहुत लुभाता है | महाशिला अभिलेख की छाया तले ध्यान और योग के लिए दो विशेष कक्ष भी बनाये गए हैं | साहित्य संस्थान द्वारा अत्यंत जागरूकता के साथ, जन सहयोग से, इसका सुन्दर रख-रखाव किया जा रहा है | आचार्य तुलसी के अणुव्रत कार्यक्रम का एक अंग है – यह |